‘जेन-जेड’ के विरोध प्रदर्शनों पर बोले नेपाली डॉक्टर- डर खत्म हो गया है, 'अच्छे दिन' आने वाले हैं

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गोरखपुर। गोरखपुर जिले में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने आये नेपाल के डॉक्टरों ने कहा कि उनके देश में हाल में ‘जेन-जेड’ के विरोध प्रदर्शन 'जरूरी और बदलावकारी' दोनों थे। रविवार को सम्पन्न हुए सम्मेलन में आये नेपाली दंत चिकित्सकों ने स्वीकार किया कि नेपाल में हिंसक घटनाओं के कारण शुरुआत में वे सम्मेलन में शामिल होने को लेकर पसोपेश में थे लेकिन स्थिति सामान्य होने पर वह गोरखपुर के लिये रवाना हो गये।

नेपाल से आए अतिथि वक्ता प्रोफेसर हेमंत कुमार हलवाई ने कहा, ''चार-पांच दिन पहले स्थिति चिंताजनक थी। हिंसा इतनी बढ़ गई थी कि कर्फ्यू लगाना पड़ा। एक समय तो हमें लगा था कि गोरखपुर आना असम्भव हो जाएगा, लेकिन जैसे-जैसे हालात शांत हुए, हम यहां आ गये।'' नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ आये डॉक्टर राजन कुमार दास ने कहा कि भ्रष्टाचार ने नेपाल को वर्षों से त्रस्त कर रखा था और ‘जेन-जेड’ आंदोलन ने बहुत जरूरी बदलाव पैदा कर दिया।

उन्होंने कहा, ''कुछ अच्छा और कुछ बुरा हुआ। आगजनी और हिंसा हुई, लेकिन क्रांति बलिदान मांगती है।'' डॉक्टर श्रीजना थापा घाही ने कहा कि हालांकि हिंसा परेशान करने वाली थी लेकिन विरोध प्रदर्शनों ने सरकार बदलने का रास्ता साफ कर दिया। घाही ने कहा, "डर खत्म हो गया है और अच्छे दिन आने वाले हैं।" इस दो दिवसीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के एक हजार से ज्यादा डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। 

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