Moradabad : आज से थम जाएगी शहनाई की गूंज...नए साल में फरवरी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। देवउठनी एकादशी से शुरू हुई शहनाइयों की गूंज शनिवार से थम जाएगी। शुभ मुहूर्त न होने और 11 दिसंबर को शुक्र के अस्त होने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं है। अब एक फरवरी को शुक्र ग्रह के उदय होने के बाद ही शहनाई बजेगी। हालांकि, कुछ लोग बिना मुहूर्त के भी वैवाहिक आयोजन कर रहे हैं।

विवाह कई तरह से किए जाते हैं। प्रत्येक के अपने-अपने रीति-रिवाज और मान्यताएं होती हैं। हिंदू धर्म में विवाह संस्कार 16 संस्कारों में से एक होता है। विवाह मुहूर्त की गणना करते समय शुक्र और गुरु तारा पर विचार किया जाता है। बृहस्पति और शुक्र के अस्त होने पर विवाह और मांगलिक कार्यक्रम नहीं किए जाते हैं। एक फरवरी को पुनः शुक्र का उदय होगा। चार फरवरी से 11 मार्च तक शहनाइयों की धूम रहेगी। ज्योतिषाचार्य और कथाव्यास दीपक कृष्ण उपाध्याय ने बताया कि शुभ मुहूर्त वाली शादियां शुक्रवार को समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद जो वैवाहिक आयोजन होंगे, वह बिना मुहूर्त वाले हैं।

14 मार्च से एक माह तक रहेगा खरमास
2026 में 14 मार्च से एक माह के लिए खरमास रहेगा। इस अवधि में मांगलिक एवं शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल से 16 मई तक शहनाई की गूंज सुनाई देगी। फिर 17 मई से अधिक मास लग जाएगा। इसमें में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।

नए साल में विवाह के कुल 59 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 2026 में पूरे साल कुल 59 विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। बीच-बीच में कई अवधि ऐसी भी होंगी, जब खरमास, अधिक माम, होलाष्टक और चातुर्मास के कारण विवाह पूरी तरह वर्जित रहेगा।

 

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