Lucknow Fire Tragedy : सूचना के 45 मिनट बाद पहुंची अग्निशमन की टीम, पुलिस ने संभाला मोर्चा, इंस्पेक्टर व दो सिपाहियों ने हथौड़े से तोड़ी दीवार
लखनऊ, अमृत विचार: अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एनिमेशन सेंटर में सोमवार दोपहर हुए अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की टीम करीब 45 मिनट बाद पहुंची। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सूचना मिलने के बाद भी समय से नहीं पहुंची। जिसके कारण राहत कार्य में देरी हुई। अगर समय से अग्निशमन विभाग की टीम पहुंच जाती तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। जब आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। राजधानी में दमकल के इतनी देर से पहुंचने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बाहर निकलने का दूसरा रास्ता तक नहीं था
बिल्डिंग से बाहर निकलने का दूसरा रास्ता तक नहीं था। तीनों तरफ अन्य इमारतें बनी हैं। स्पष्ट है कि बिल्डिंग अवैध है। यही वजह है कि आग लगने पर वहां फंसे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। वहां फंसे पांच-छह लोग किसी तरह खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकले। बिल्डिंग से लगे घर की छत से कोचिंग की दीवार तोड़कर रेस्क्यू का प्रयास किया गया। करीब 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। खुद को बचाने की कोशिश में कई लोग कांच तोड़कर एसी का तार पकड़कर नीचे कूदे। दो लोग सीधे ऊपर से फांद गए। उनकी गंभीर रूप से जख्मी होने की बात सामने आ रही है। निकलने के लिए भी रास्ता ऐसा नहीं था कि वो निकल सकें। इसके साथ ही इस सेंटर के नीचे टायर की दुकान होने की बात भी सामने आ रही है, जिसने आग को एक विकराल रूप दे दिया।
मौके पर पहुंचे ये अधिकारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर, जेसीपी अपराध अपर्णा कुमार, जेसीपी कानून-व्यवस्था बबलू कुमार, डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी, एडीसीपी ट्विंकल जैन मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया। वहीं, डीजीपी राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजी अग्निशमन सेवा सुजीत पांडेय मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
इंस्पेक्टर मड़ियांव व दो सिपाहियों ने तोड़ी दीवार
हादसे की सूचना मिलते ही अलीगंज सर्किल के सभी थानों की टीमों को बुला लिया गया। मौके पर पहुंचे अलीगंज इंस्पेक्टर ध्रुव कुमार जहां अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुटे थे। वहीं, निकलने का रास्ता न देख इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा अपने साथ दो सिपाहियों को लेकर पास के मकान की छत पर चढ़ गये। वहां एनिमेशन सेंटर की दीवार हथौड़े से तोड़नी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद अंदर जाने का रास्ता बना ही था। इसी बीच अग्निशमन विभाग की टीम पहुंची। कटर से दीवार काटकर आने-जाने का रास्ता बनाया। बिल्डिंग से लगे घर की छत से कोचिंग की दीवार तोड़कर रेस्क्यू का प्रयास किया गया। करीब 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
पूरे भवन में भर गया था धुआं
भवन की दूसरी मंजिल पर हेड एंड हॉपर्स एनीमेशन एंड गेमिंग जोन स्थित है। दोपहर दो बजे के करीब यहां आग लग गई। लोगों ने बताया कि एसी का कंप्रेशन फटने के बाद पूरे भवन में धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए से छलांग लगा दी। वहीं कई छात्र खुद को बचाने के लिए बाथरूम में घुस गए और धुआं बढ़ने के कारण उनका दम घुट गया।
कई विभाग हैं जिम्मेदार, लापरवाही से हुआ हादसा
अलीगंज में हुआ अग्निकांड जिला प्रशासन, पुलिस की लापरवाही तो सामने आई ही है। वहीं, बिजली विभाग, एलडीए और नगर निगम भी पूरी तरह से कठघरे में खड़ा है।अलीगंज के पुरनिया/सेक्टर डी इलाके में जिस भवन में आग लगी और 15 लोगों की मौत हुई है। उसका सिर्फ भूतल का आवासीय नक्शा पास था और चार मंजिला व्यावसायिक भवन खड़ा कर दिया गया। इस बिल्डिंग को फायर और विद्युत सुरक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं मिला था। इसके बाद भी वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला पुत्र सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला अलीगंज पेट शॉप और गेमिंग जोन के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इसमें इंट्री और एक्जिट भी एक ही है। इसके बाद भी किसी सरकारी मुलाजिम की नजर इधर नहीं पड़ी। इनके मकान पर विद्युत लोड 20 किलोवाट का पास था। जबकि मौके पर 35.50 किलोवाट का उपयोग कर रहे थे।
लाइसेंस कैसे मिला
बिल्डिंग पर फायर की एनओसी और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं था, इसके बाद भी यहां गतिविधियां संचालित थीं। फरवरी 2025 में अलीगंज समेत कई संस्थानों पर नोटिस जारी होने और लाइसेंस रद करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद भी भीषण गर्मी में इस बिल्डिंग में आधा दर्जन से अधिक एसी चल रहे थे।
