बलरामपुर अस्पताल की 15 में चार डायलिसिस मशीनें खराब, शिकायत के बावजूद भी नहीं हो रही ठीक
किडनी रोगियों को करना पड़ रहा दिक्कत का सामना
लखनऊ, अमृत विचार : बलरामपुर अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की चार मशीनें लंबे समय से खराब होने से किडनी मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। मरीजों की समय पर डायलिसिस हो पा रही है, कई मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ते दबाव के बीच कई बार डायलिसिस की अवधि भी कम करनी पड़ रही है।
अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में 15 मशीनें लगी हैं, इनमें चार मशीनें लंबे समय से खराब हैं। 11 मशीनों से रोजाना 30 से अधिक मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। नियमित डायलिसिस पर निर्भर मरीजों के लिए ये स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। खराब मशीनों की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को कई बार सूचना दी जा चुकी है। कंपनी के इंजीनियर जांच के लिए पहुंचे भी, लेकिन तकनीकी खामियां अब तक दूर नहीं हो सकी हैं। नतीजतन मरीजों को उपचार में देरी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
डायलिसिस विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी मरीजों के लिए तय समय और निर्धारित अवधि तक डायलिसिस होना बेहद आवश्यक है। इसमें देरी या समय कम होने से मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और जटिलताएं बढ़ने का खतरा रहता है। सीएमएस डॉ.हिमांशु चतुर्वेदी का कहना है कि उपलब्ध मशीनों के जरिए लगातार सेवाएं दी जा रही हैं, ताकि मरीजों को अधिक परेशानी न हो। साथ ही खराब मशीनों की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
