NIPUN Bharat Mission: यूपी के प्राथमिक स्कूलों में 10 शिक्षण प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य, शासन ने जारी किए नए निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने सभी परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के लिए जारी किए दिशा-निर्देश, बाल-केंद्रित शिक्षण, नियमित अभ्यास, फीडबैक, पठन कौशल और गणित में टीएलएम के उपयोग पर रहेगा विशेष जोर।
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कहा गया कि मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त करने के लिए प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 10 प्रमुख शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं का नियमित अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। कहा गया है कि कक्षा का वातावरण बच्चों के लिए सुरक्षित, सहज, सकारात्मक और बाल-केंद्रित बनाया जाए, ताकि उनके सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के साथ सीखने की गुणवत्ता भी बेहतर हो सके। शिक्षकों को नियमित रूप से अभ्यास कार्य देने, उसकी समीक्षा करने तथा बच्चों को समयबद्ध और सार्थक फीडबैक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
शासन ने पठन कौशल के विकास के लिए समूह, जोड़ी और व्यक्तिगत स्तर पर नियमित पढ़ने का अभ्यास कराने तथा बच्चों की प्रगति का सतत मूल्यांकन करने पर भी जोर दिया है। गणित शिक्षण में टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) के नियमित उपयोग, ठोस अनुभवों से चित्रों और फिर गणितीय प्रतीकों तक आधारित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों से गणित पढ़ाते समय बच्चों से अधिकाधिक ''क्यों'' और ''कैसे'' आधारित प्रश्न पूछने को कहा गया है, ताकि उनमें तार्किक सोच, अवधारणात्मक समझ और संवाद कौशल विकसित हो सके। शासन का मानना है कि इससे केवल उत्तर याद करने के बजाय बच्चे उसके पीछे के तर्क को भी समझ सकेंगे।
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