सुलेमानी की अंतिम यात्रा से भी बड़ा जनसमूह: तेहरान में लगे ट्रंप विरोधी नारे; जानिए ईरान सुप्रीम अयातुल्लाह को कब किया जायेगा सुपुर्द-ए-खाक

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Published By Anjali Singh
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तेहरान। ईरान की राजधानी तेहरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में सोमवार को काले कपड़े पहने शोकाकुल लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान पूरा माहौल अमेरिका और इजराइल विरोधी नारों से गूंज उठा। लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए 'ट्रंप मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे।


ताबूतों के साथ शक्ति प्रदर्शन, परिजनों की भी हवाई हमले में हुई थी मौत

ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे 86 वर्षीय खामेनेई के ताबूत को एक विशेष ट्रक में रखा गया था। इसी ट्रक में उनके उन परिजनों के ताबूत भी रखे गए थे, जो 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में इजराइल और अमेरिका के हवाई हमले में मारे गए थे। ईरान की धार्मिक सत्ता ने इस भारी जनसमूह को वैश्विक पटल पर अपनी ताकत के प्रदर्शन के रूप में प्रोत्साहित किया है।

सुलेमानी की अंतिम यात्रा से भी बड़ा जनसमूह, सुरक्षा को लेकर अधिकारी चिंतित

ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों के मुताबिक, तेहरान के आज़ादी चौक से लेकर उसी नाम वाली सड़क पर कई किलोमीटर तक केवल लोगों का सिर ही नजर आ रहा था। यह जनसमूह वर्ष 2020 में दिवंगत जनरल कासिम सुलेमानी की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ से भी बड़ा नजर आया, जिसमें करीब 10 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे। 

हालांकि, अधिकारियों ने इस बार भीड़ का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। अंतिम यात्रा मार्ग में मौजूद लोग तख्तियां, पोस्टर और बैनर लिए हुए थे, जिन पर ट्रंप की मौत की मांग वाले नारे लिखे थे। शोक व्यक्त कर रहे लोगों के हाथों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या की मांग वाले संदेश साफ देखे जा सकते थे।

भीड़ का आलम यह था कि लोग ट्रक को छूने और अपने स्कार्फ व अन्य वस्तुएं ताबूत से स्पर्श कराने के लिए आगे बढ़ रहे थे। सुरक्षा को देखते हुए अधिकारी बेहद चिंतित नजर आए और लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से धीरे-धीरे चलने तथा धक्का-मुक्की न करने की अपील की जाती रही। अधिकारियों ने इस ट्रक को इमाम की दरगाह के चारों ओर बनी पारंपरिक सजावटी जाली का स्वरूप दिया था।

12 घंटे का सफर और मशहद में सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी

अंतिम यात्रा की निगरानी कर रहे रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल हसन हसनज़ादेह ने जानकारी दी कि इन ताबूतों को 12 घंटे की यात्रा के दौरान तेहरान की सड़कों से होते हुए मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाया जाएगा। अंतिम यात्रा में शामिल एक महिला फातिमा हसन ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "आज हम अपने नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए हैं। यह हमारे लिए बेहद पीड़ादायक दिन है। हम यहां उन्हें अंतिम विदाई देने नहीं, बल्कि उनका बदला लेने आए हैं। और हम यह बदला लेकर रहेंगे।"

सामान्य जनजीवन प्रभावित, अमेरिका के साथ वार्ता स्थगित होने के आसार

शोक के मद्देनजर प्रशासन ने तेहरान की प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है और हवाई क्षेत्र पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। शनिवार से शुरू हुआ यह राष्ट्रीय शोक बृहस्पतिवार को समाप्त होगा, जिसके बाद खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित 'इमाम रज़ा दरगाह' में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच उन महत्वपूर्ण वार्ताओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह फिर से खोलना, ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना है। हालांकि, कूटनीतिक हलकों का मानना है कि ये वार्ताएं अंतिम संस्कार संपन्न होने तक स्थगित रहेंगी।

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