Bareilly News : जुलूस-ए-मुहम्मदी में डीजे के हुड़दंग से नाराज आला हजरत दरगाह के प्रमुख ने भंग कर दी कमेटी 

Amrit Vichar Network
Edited By Ateeq Khan
On

बरेली पुलिस द्वारा 11 डीजे सिस्टम सीज करने की कार्रवाई के बाद अब दरगाह ने भी लिया कड़ा फैसला 

दरगाह प्रमुख ने एक कमेटी बनाकर जांच कराने का फैसला लिया है। यह जानने के लिए कि प्रतिबंध के बावजूद जुलूस में डीजे कैसे पहुंचे रहे हैं? इसमें शहर के उलमा, बुद्धिजीवी, सम्मानित लोग शामिल किए जाएंगे। 

अमृत विचार : पैगंबर-ए-इस्लाम की पैदाइश (जश्ने-ईद मिलादुन्नबी) पर सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों के मसलक (केंद्र) बरेली में जुलूस-ए-मुहम्मदी के दौरान डीजे पर हुड़दंग पर सवालों की झड़ी लग गई। डीजे के भारी शोर के बीच नाचती-झूमती भीड़ की तस्वीरों ने जुलूस के आयोजकों को भी आलोचना के केंद्र में खड़ा कर दिया। उधर, पुलिस ने जुलूस में शामिल 11 डीजे सिस्टम के साथ उन्हें लेकर चलने वाले वाहनों को भी सीज कर दिया। अब दरगाह आला हजरत से भी सख्ती सामने आई है। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां ने जुलूस का नेतृत्व करने वाली अंजुमन खुद्दामें रसूल की कमेटी भंग कर दी है। 

दरगाह प्रमुख ने एक कमेटी बनाकर जांच कराने का फैसला लिया है। यह जानने के लिए कि प्रतिबंध के बावजूद जुलूस में डीजे कैसे पहुंचे रहे हैं? इसमें शहर के उलमा, बुद्धिजीवी, सम्मानित लोग शामिल किए जाएंगे। 

बरेली में जुलूस-ए-मुहम्मदी एतिहासिक है। पुराने शहर के हनीफ खान बताते हैं कि बरेली में हमेशा ही अदब और एहतराम के साथ जुलूस निकलते रहे हैं। पिछले कुछ अरसे से डीजे साउंड का चलन आम होता गया। हालांकि हर बार इस पर रोक के निर्देश जारी होते हैं। लेकिन फिर भी कुछ नौजवान डीजे के साथ जुलूस में शामिल होते हैं। 

जिम्मेदारों पर उठे सवाल

जुलूस-ए-मुहम्मदी में हर बार दरगाह प्रबंधन और उलमा की सख्ती के बावजूद डीजे पर रोक का आदेश बेअसर हो रहा है। इससे जुलूस के आयोजक जिम्मेदारों पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रतिबंध का पालन क्यों नहीं करा पा रहे हैं? 

पुलिस ने दिखाई सख्ती 


बरेली पुलिस ने इस बार डीजे पर थोड़ी सख्ती दिखाई है। कोहाड़पीर से दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां द्वारा जो जुलूस रवाना किया गया था-उसमें शामिल 4 डीजे पुलिस ने सीज कर दिए। इसी तरह तिलियापुर क्षेत्र से सीबीगंज के मदरसा जामियातुर्रजा में पहुंचने वाले जुलूस में शामिल 7 डीजे सीज किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद से जुलूस के आयोजक और दरगाह जिम्मेदार, उलमा और समाज के बीच हलचल तेज हुई। जिसने डीजे पर सख्ती के साथ रोक की पहल को आगे बढ़ाया है। 

कड़ा फैसला लेने की तैयारी 

दरगाह आला हजरत के प्रमुख द्वारा आगामी जुलूसों को लेकर कड़ा फैसला लेने की तैयारी है, ताकि डीजे या दूसरी तरह की चीजों से जुलूस के एहतराम को ठेस न पहुंचे। दरगाह से जुड़े लोगों ने कहा कि जांच टीम गठित की जा रही है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। इस पहलू की भी जांच होगी कि जानबूझकर जुलूस को बदनाम करने की कोशिश तो नहीं है?

 

इसे भी पढ़ें-बरेली में जुलूस-ए-मुहम्मदी में शामिल 11 डीजे सीज, उलमा की अनसुनी के बाद पुलिस की सख्ती 

संबंधित समाचार