कानपुर में जन्माष्टमी की धूम : सजे कान्हा के दरबार, गूंजेगा 'नंद के आनंद भयो'
कानपुर,अमृत विचार : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस्कॉन मंदिर, जेके मंदिर और श्री सनातन धर्म मंदिर कौशलपुरी में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। कहीं भव्य झांकियां तैयार की जा रही हैं तो कहीं भगवान के विशेष शृंगार, अभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है। इस बार इस्कॉन मंदिर में देश-विदेश के फूलों से सजावट के साथ वर्चुअल रियलिटी शो आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं सनातन धर्म मंदिर में 88 मूर्तियों से सजी स्वचालित झांकियों में कृष्ण की बाल लीलाओं समेत कई धार्मिक प्रसंग जीवंत होंगे।
इस्कॉन में तीन दिन चलेगा जन्माष्टमी महोत्सव
इस्कॉन कानपुर में तीन, चार और पांच सितंबर को जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। भगवान श्री श्री राधा माधव का विशेष शृंगार और रत्न जड़ित पोशाक इस बार आकर्षण का केंद्र होगी। वृंदावन के कारीगर पोशाक तैयार कर रहे हैं। थाईलैंड समेत विभिन्न देशों और कोलकाता से मंगाए गए फूलों से मंदिर परिसर सजाया जाएगा।
चार सितंबर को मुख्य आयोजन की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से होगी। सुबह 7:30 बजे विशेष शृंगार दर्शन होंगे। आठ से 10 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा होगी। दोपहर 12 से तीन बजे तक विशेष शंखों से अभिषेक, शाम पांच से सात बजे तक पीतल के कलश और रात आठ से 10 बजे तक चांदी के कलश से भगवान का अभिषेक होगा। रात में महाभिषेक, छप्पन भोग और महाआरती के साथ श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा।
महोत्सव में करीब 400 कलाकार नृत्य, भजन, संकीर्तन, नाट्य और संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। मुंबई के इस्कॉन चौपाटी से आने वाले सुदामा प्रभु श्रीकृष्ण की जन्मलीला पर प्रवचन करेंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशाल पंडाल, वॉटरप्रूफिंग, पार्किंग, शटल सेवा, पेयजल, सुरक्षा, स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
सनातन धर्म मंदिर में 88 मूर्तियों से सजी झांकियां
श्री सनातन धर्म मंदिर कौशलपुरी में इस बार जन्माष्टमी पर स्वचालित झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी। 88 मूर्तियों से तैयार की जा रही झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर विभिन्न धार्मिक प्रसंगों को जीवंत किया जा रहा है। दधि मंथन, माखन चोरी, यमलार्जुन उद्धार, बकासुर वध, महारास लीला और रुक्मणी हरण की झांकियां तैयार हो रही हैं। इसके अलावा समुद्र मंथन, नरसिंह अवतार और कृष्ण-सुदामा मिलन के प्रसंग भी दिखाए जाएंगे।
झांकियों को अंतिम रूप देने में बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर क्षेत्र के मूर्तिकार विक्रम सिंह चौहान और उनकी टीम जुटी है। पांच लोगों की टीम दिन-रात काम कर रही है। मूर्तियों के निर्माण में लकड़ी और मिट्टी के मिश्रण का इस्तेमाल किया जा रहा है। रंग-रोगन के बाद चेहरे के भाव, वस्त्र, मुकुट, माला और गोटे से उन्हें आकर्षक रूप दिया जा रहा है। स्वचालित तकनीक से पात्रों की गतिविधियों को जीवंत बनाया जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन और भीड़ प्रबंधन समेत अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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