Kanpur News: नशे में पीछा करते GSVM मेडिकल कॉलेज में महिला जेआर के कमरे तक पहुंचा डॉक्टर...गार्डों ने रोका-भगाया

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प्रमुख सचिव, डीजीएमई, डीएम व सीएमओ को भेजा गया पत्र

कानपुर, अमृत विचार। उर्सला में तैनात एक डॉक्टर ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर की महिला जूनियर डॉक्टर (जेआर) के साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि उसका पीछा कर नशे की हालत में उसके हॉस्टल के कमरे तक पहुंच गया। महिला जेआर के शोर मचाने पर पहुंचे गार्डों ने उर्सला के डॉक्टर को वहां से भगाया। जेआर ने मामले की शिकायत कॉलेज के प्राचार्य से की। प्राचार्य ने डॉक्टर के खिलाफ प्रमुख सचिव, डीजीएमई , डीएम व सीएमओ को पत्र लिखा है। 

शासन के निर्देश पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जेआर ट्रेनिंग के लिए उर्सला अस्पताल जाते हैं। उर्सला के नेत्र रोग विभाग में तैनात एक डॉक्टर ने करीब एक माह पहले जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की महिला जेआर के साथ अभद्रता की थी और उसका पीछा कर उसके हॉस्टल के कमरे तक पहुंच गया था। जेआर के शोर मचाने पर गार्ड पहुंचे और उन्होंने उर्सला के डॉक्टर को मौके से भगाया।

जेआर ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन लोकलाज के डर से आगे की कार्रवाई नहीं की और थाने में दिया शिकायती पत्र भी वापस ले लिया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उर्सला अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ पत्र डीजीएमई, प्रमुख सचिव, डीएम व सीएमओ को लिखा है। साथ ही मामले के संबंध में जांच कराने के बाद उर्सला के डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उर्सला अस्पताल प्रशासन ने भी जांच कमेटी का गठन किया है। विशाखा गाइडलाइन के तहत कमेटी में महिला डॉक्टरों के साथ कुछ एनजीओ की महिला सदस्यों आदि का शामिल होना जरूरी है।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्राचार्य प्रो. संजय काला के मुताबिक घटना के बाद से महिला जेआर सहमी हुई है। जब तक मामले की जांच नहीं हो जाती और उर्सला प्रशासन उनकी सुरक्षा के संबंध में कोई प्रावधान नहीं करता, तब तक उर्सला के नेत्र रोग विभाग में महिला जेआर को नहीं भेजा जाएगा। सीएमओ डॉ.आलोक रंजन ने बताया कि मामले की जांच के बाद संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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