ई-बसों में बड़ा खेल? कंडक्टर हटते ही आधी से भी कम हुई कमाई, बिना टिकट सफर और वसूली के आरोप
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट की ई-बसों में कंडक्टरों की हड़ताल के दौरान बिना कंडक्टर संचालन पर उठे सवाल, संचालन कंपनी ने शासन और नगर विकास मंत्री से की शिकायत।
लखनऊ। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से संचालित लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट की ई-बसें अब विवादों में हैं। कंडक्टरों की हड़ताल के दौरान कई बसें बिना कंडक्टर के संचालित किए जाने के बाद संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। बस संचालन करने वाली कंपनी ने शासन और नगर विकास मंत्री से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि इस दौरान बिना टिकट यात्रा, मैनुअल टिकट में गड़बड़ी और अवैध वसूली के कारण राजस्व में भारी गिरावट आई।
15 हजार से घटकर 4 हजार रुपये रह गई प्रति बस आय
कंपनी के अनुसार, जब बसों में नियमित कंडक्टर तैनात थे, तब प्रति बस प्रतिदिन लगभग 12 से 15 हजार रुपये की आय हो रही थी। लेकिन बिना कंडक्टर बसें चलने के बाद यह आय घटकर करीब 4 हजार रुपये रह गई। शिकायत में कहा गया है कि बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने से सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचा।
मैनुअल टिकट पर मनमानी के आरोप
कंडक्टरों की हड़ताल के दौरान लखनऊ की लगभग 170 सिटी बसों के संचालन के लिए कानपुर और मेरठ से एसएस कंपनी के माध्यम से कंडक्टर बुलाए गए। आरोप है कि यात्रियों से 30 रुपये किराया लेकर 10 रुपये का मैनुअल टिकट दिया गया। वहीं कुछ मामलों में बस चालकों द्वारा सीधे नकद राशि लेकर यात्रियों को सफर कराने का भी आरोप लगाया गया है।
इन रूटों पर बिना कंडक्टर दौड़ीं ई-बसें
संचालन कंपनी के मुताबिक निम्नलिखित मार्गों पर बिना कंडक्टर ई-बसों का संचालन किया गया—
कमता से स्कूटर इंडिया (वाया शहीद पथ)
दुबग्गा से विराजखंड (वाया पत्रकारपुरम)
दुबग्गा से मोहनलालगंज (वाया तेलीबाग)
यात्रियों को भी उठानी पड़ी परेशानी
ईटीएम मशीन से टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों के पास यात्रा का कोई डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं रहा। कई यात्रियों को केवल मैनुअल टिकट दिए गए। भीड़ और अव्यवस्था के चलते बसों में चढ़ने और उतरने के दौरान कुछ यात्रियों के गिरने की भी शिकायतें सामने आईं।
प्रबंधन ने जांच का दिया भरोसा
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक विमल राजन ने कहा कि बड़ी संख्या में कंडक्टर कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बिना कंडक्टर बसें संचालित की गईं और बीच रास्ते ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) टिकट जारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि वसूली संबंधी शिकायतें मिली हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी।
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