बहराइच में बड़ी कार्रवाई : गोदाम से कोडीन कफ सिरप की 8,140 बोतलें जब्त, मुकदमा दर्ज

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

दरगाह थाना क्षेत्र के दवा गोदाम पर औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी, भारत-नेपाल सीमा से जुड़े अवैध नेटवर्क की भी जांच शुरू

पुलिस के अनुसार, औषधि निरीक्षक विनय कृष्ण को सूचना मिली थी कि दरगाह थाना क्षेत्र के असरफा गांव स्थित शिवांश मेडिकल एजेंसी के गोदाम में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर औषधि विभाग की टीम ने दरगाह और रूपईडीहा थाना पुलिस के साथ बुधवार देर रात संयुक्त छापेमारी की।

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दरगाह थाना क्षेत्र स्थित एक दवा गोदाम से 8,140 बोतलें जब्त की हैं। बरामद खेप 67 पेटियों में रखी गई थी।

पुलिस के अनुसार, औषधि निरीक्षक विनय कृष्ण को सूचना मिली थी कि दरगाह थाना क्षेत्र के असरफा गांव स्थित शिवांश मेडिकल एजेंसी के गोदाम में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर औषधि विभाग की टीम ने दरगाह और रूपईडीहा थाना पुलिस के साथ बुधवार देर रात संयुक्त छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान गोदाम की तलाशी लेने पर 67 पेटियों में रखी कुल 8,140 बोतलें कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुईं। टीम ने पूरी खेप को मौके पर ही जब्त कर लिया। कार्रवाई देर रात तक चली और बरामद दवाओं का अभिलेखीकरण भी किया गया।

औषधि निरीक्षक विनय कृष्ण ने बताया कि मामले में संबंधित व्यक्ति पवन कुमार के खिलाफ थाना दरगाह में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही जब्त दवाओं के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और संभावित अवैध नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि दो दिन पहले भारत-नेपाल सीमा से सटे रूपईडीहा क्षेत्र में भी बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुई थी। लगातार हो रही ऐसी बरामदगियों ने सीमावर्ती इलाकों में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी और अवैध भंडारण को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। संबंधित एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।

क्यों होती है कोडीन कफ सिरप की तस्करी?

कोडीन युक्त कफ सिरप का उपयोग चिकित्सकीय सलाह पर खांसी के इलाज में किया जाता है, लेकिन इसका नशीले पदार्थ के रूप में भी दुरुपयोग होने की आशंका रहती है। इसी कारण इसके भंडारण, बिक्री और परिवहन पर कड़े नियम लागू हैं। बहराइच में 8,140 बोतलों की बरामदगी के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस नेटवर्क के माध्यम से आगे भेजा जाना था।

संबंधित समाचार