Kanpur में अजमेर से आए मौलाना, हिजबुल्लाह चीफ नसरुल्लाह की याद में पढ़ी गई मजलिस, अमेरिका व इजरायल को कोसा गया

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। लेबनान में इजरायली हमले में मारे गए हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरुल्लाह की याद में रामादेवी के पास मजलिस हुई जिसमें शहर के अलावा अजमेर समेत कई स्थानों के शिया आलिम एकत्र हुए। इस मौके पर नसरुल्लाह के मगफिरत की दुआएं की गईं। 

बुधवार को रामादेवी और फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर नसरुल्लाह के समर्थन और अमेरिका-इजरायल के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी की गई थी लेकिन देर रात ईरान द्वारा इजरायल पर हमले के बाद प्रदर्शन निरस्त कर दिया गया। 

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए शिया आलिम ने रामादेवी में ही हसन नसरुल्लाह की मजलिस पढ़ी और अमेरिका के साथ-साथ इजरायल को कोसा। कहा कि ये सब अमेरिका की शह पर हो रहा है। 

अमेरिका को सबसे बड़ा आतंकी करार दिया गया। अजमेर से आए मौलाना ने कहा कि आज के दौर में आतंकी मसीहा बन गए हैं जबकि मसीहा को आतंकी बताया जाता है। मौलाना ने कहा कि पूरी दुनिया के लिए अमेरिका खतरा बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- Kanpur: ईरान-इराक में जियारत के लिए रद किया दौरा; युद्ध की आशंका पर उठाया कदम

 

संबंधित समाचार